कुसुम योजना

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प्रस्तावना

यह योजना किसानों के लिए बनाई गई है| योजना के अंतर्गत जो भी किसान सिंचाई के लिए पंपो का इस्तेमाल करते हैं उन पंपों को अब सौर ऊर्जा वाले पंप बनाया जाएगा|

योजना के बारे मे

  • किसान ऊर्जा सुरक्षा व उत्थान महाअभियान (कुसुम)। योजना के तहत 2022 तक देश में तीन करोड़ पंपों को बिजली या डीजल की जगह सौर ऊर्जा से चलाया जाएगा।
  • इस योजना के पहले चरण में डीजल से चल रहे 5 लाख सिंचाई पंपों को सौर ऊर्जा से चलाया जाएगा| यह योजना किसानों को दोहरा लाभ देगी|
  • मुफ्त में सिंचाई के लिए बिजली मिलने के अलावा किसान अतिरिक्त बिजली बना कर ग्रिड को भेजेंगे तो उसकी भी कीमत किसानों को मिलेगी|
  • इस योजना से 28 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन  होगा|

कुसुम के पहले चरण में डीजल पंप बदले जाएंगे

  • कुसुम योजना के पहले चरण में किसानों के सिर्फ उन सिंचाई पंप को शामिल किया जाएगा जो अभी डीजल से चल रहे हैं. सरकार के एक अनुमान के मुताबिक इस तरह के 5 लाख सिंचाई पंप को सौर ऊर्जा से चलाने की व्यवस्था की जाएगी. इससे डीजल की खपत और कच्चे तेल के आयात पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.
  • कुसुम एक लंबी अवधि की महत्वाकांक्षी योजना है, लक्ष्य सोलर पंप और सोलर उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रारंभिक बजट 50 हजार करोड़ रुपयों का आवंटन किया गया है।

क्या है कुसुम योजना के लिए सरकार की तैयारी?

  • कुसुम योजना के तहत साल 2022 तक देश में तीन करोड़ सिंचाई पंप को बिजली या डीजल की जगह सौर ऊर्जा से चलाने की कोशिश की जा रही है. सरकार द्वारा निर्धारित बजट के हिसाब से कुसुम योजना पर कुल 1.40 लाख करोड़ रुपये की लागत आएगी.
  • कुसुम योजना पर आने वाले कुल खर्च में से केंद्र सरकार 48 हजार करोड़ रुपये का योगदान करेगी, जबकि इतनी ही राशि राज्य सरकार देगी. किसानों को कुसुम योजना के तहत सोलर पंप की कुल लागत का सिर्फ 10 फीसदी खर्च ही उठाना होगा. कुसुम योजना के लिए करीब 45 हजार करोड़ रुपये का इंतजाम बैंक लोन के माध्यम से किया जाएगा.

कुसुम योजना का उद्देश्य

  • भारत में किसानों को सिंचाई में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है और अधिक या कम बारिश की वजह से किसानों की फसलें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं. केंद्र सरकार की कुसुम योजना के जरिये किसान अपनी जमीन में सौर ऊर्जा उपकरण और पंप लगाकर अपने खेतों की सिंचाई कर सकते हैं.
  • कुसुम योजना की मदद से किसान अपनी भूमि पर सोलर पैनल लगाकर इससे बनने वाली बिजली का उपयोग खेती के लिए कर सकते हैं. किसान की जमीन पर बनने वाली बिजली से देश के गांव में बिजली की निर्बाध आपूर्ति शुरू की जा सकती है.

कुसुम योजना के लाभ

  • केंद्र सरकार की कुसुम योजना किसानों को दो तरह से फायदा पहुंचाएगी. एक तो उन्हें सिंचाई के लिए फ्री बिजली मिलेगी और दूसरा अगर वह अतिरिक्त बिजली बना कर ग्रिड को भेजते हैं तो उसके बदले उन्हें कमाई भी होगी.
  • अगर किसी किसान के पास बंजर भूमि है तो वह उसका इस्तेमाल सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए कर सकता है. इससे उन्हें बंजर जमीन से भी आमदनी होने लगेगी.
  • खेतों को सिंचाई करने वाले पंप सौर ऊर्जा से चलेंगे किसानों की खेती में बढ़ावा होगा |
  • इससे डीजल की खपत कम होगी और 28 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होगा|

कुसुम योजना का लक्ष्य

  • कुसुम योजना के तहत केंद्र सरकार पहले चरण में देश भर में 27.5 लाख सोलर पंप सेट मुफ्त दे रही है।
  • जिन इलाके में बिजली ग्रिड नहीं है वहां कुसुम योजना के तहत किसानों को 17.5 लाख सौर पंप सेट दिए जाएंगे. इसके अलावा जिन जगहों पर बिजली ग्रिड है, वहां किसानों को 10 लाख पंप सेट दिए जाएंगे.
  • सरकार का मानना है कि अगर देश के सभी सिंचाई पंप में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल होने लगे तो न सिर्फ बिजली की बचत होगी बल्कि 28 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन भी संभव होगा.
  • कुसुम योजना के अगले चरण में सरकार किसानों को उनके खेतों के ऊपर या खेतों की मेड़ पर सोलर पैनल लगा कर सौर ऊर्जा बनाने की छूट देगी. इस योजना के तहत 10,000 मेगावाट के सोलर इनर्जी प्लांट किसानों की बंजर भूमि पर लगाये जायेंगे.

कुसुम योजना की मुख्य बातें

  • सौर ऊर्जा उपकरण स्थापित करने के लिए किसानों को केवल 10% राशि का भुगतान करना होगा.
  • केंद्र सरकार किसानों को बैंक खाते में सब्सिडी की रकम देगी.
  • सौर ऊर्जा के लिए प्लांट बंजर भूमि पर लगाये जायेंगे.
  • कुसुम योजना में बैंक किसानों को लोन के रूप में 30% रकम देंगे.
  • सरकार किसानों को सब्सिडी के रूप में सोलर पंप की कुल लागत का 60% रकम देगी.

 

 

July 25, 2019

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